नैनीताल। तल्लीताल पुलिस थाने में गेठिया स्थित महायोगी पायलट बाबा आश्रम की संपत्ति को खुर्द बुर्द करने के आरोप में आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
मिली जानकारी के अनुसार पायलट बाबा के बेठिया स्थित आश्रम में अपनी सेवाएं देने वाले मंगल गिरि ने पुलिस को जाकारी दी है कि पायलट बाबा की महासमाधि गत वर्ष 20 अगस्त को हुई थी। तभी से कुछ लोग बाबा व महायोग फाउण्डेशन की सम्पत्ति को खुर्द-बुर्द करना और नुकसान पहुचाने या किसी भी तरह से उसे हड़पने की योजना बना रहे हैं।
मंगल गिरि ने कथित रूप से पयलट बाबा की संपत्ति पर नजरे गढ़ाए बैठे लोगों के नाम भी पुलिस को बताए हैं। मंगल गिरि के अनुसार नैनीताल के बैल पड़ाव के पत्तापानी के रहने वाले मनोज कुमार, बिहार के रोहतास जिले के रेडियो गांव के रहने वाले अमर अनिल सिंह, नई दिल्ली के विकासपुरी स्थित लक्ष्मी विहार को—ओपरेटिव सोसाइटी की रहने वाली चन्द्र कला पाण्डे, विकासपुरी की ही पंचवटी सोसायटी की रहने वाली चेतना नई दिल्ली के द्वारिका के रहने वाले मुकेश कुमार सिंह, विकासपुरी के लक्ष्मी विहार अपार्टमेंट के रहने वाले जेबी शेरावत, नई दिल्ली के मोतीनगर तिसरा तल्ला निवासी अजय कुमार सिंह और मध्य प्रदेश के शिवपुरी के दिनारा बाजार के रहने वाले जय प्रकाश ने मिलकर षडयंत्र के तहत पायलट बाबा के आश्रम परिसर में ही चल रहे महायोगी पायलट बाबा कालेज आफ पैरामेडिकल एण्ड रिसर्च की मान्यता प्राप्त करने के लिये महायोग फाउण्डेशन संस्था के दस्तावेजों को नकली व फर्जी तरीके से तैयार किया गया है।
जिसके एक दस्तावेज में लिस्ट आफ मेम्बर के तौर पर उनका का नाम दर्शाया गया है। ठीक वैसे ही एक अन्य दस्तावेज में उनके नाम के स्थान पर मनोज कुमार लिखा गया है। उनका आरोप है कि आरोपियों ने कूटरचित दस्तावेज लगाकर बैंको में खाते भी खुलवाये हैं।
इसके अतिरिक्त इन्हीं लोगों ने बाबा की फर्जी वसीयत बनाकर “महायोग फाउण्डेशन” की तथा बाबा की निजी चल-अचल सम्पत्ति को छल कपट से हडपने के खातिर नकली दस्तावेज तैयार किये हैं। इस फर्जी वसीयत के अतिरिक्त भी इन लोगों ने प्रार्थी व अन्य सरकारी संस्थाओं के साथ के धोखाधड़ी की है।
उनका कहना है कि गेठिया के अतिरिक्त अन्य स्थानों पर भी बाबा की सम्पत्ति को कूटरचित दस्तावेज तैयार कर हड़पने का प्रयास किया गया है अमर अनिल सिंह ने खुद को महायोग फाउण्डेशन का स्वयंभू अध्यक्ष फर्जी तरीके से घोषित किया है।
मंगल गिरि को आशंका है कि इन लोगों ने महायोगी पायलट बाबा की सम्पत्ति को हड़पने की गरज से उनकी बीमारी के दौरान इलाज में लापरवाही कर उनको मार दिया हो। पुलिस ने बाबा मंगल गिरि की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करके मामले की छानबीन शुरू कर दी है।


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