हल्द्वानी। पुलिस ने बाहरी प्रदेश से यहां आकर कार्यालय खोलने और फर्जी आधार कार्ड बनाने व उसका इस्तमाल बैंक में फर्जी खाते खोलने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। आज नैनीताल के एसएसपी प्रहलाद नारायण सिंह मीणा ने मीडिया से बातचीकत में यह खुलासा किया।
उन्होंने बताया कि 29 जनवरी को एसओजी प्रभारी संजीत राठौर को सूचना मिली कि कुछ लोग बाहरी राज्यों से हल्द्वानी आकर फर्जी आधार बनाकर साइबर ठगी में प्रयुक्त होने वाले फर्जी तरीके से बैंक में खाता खुलवा रहे हैं और उन खातों का इस्तेमाल धोखाधड़ी राशि को इधर-उधर करने में कर रहे हैं।
मामले का संज्ञान लेकर श्री प्रहलाद नारायण मीणा द्वारा एसपी सिटी श्री प्रकाश चन्द्र एवं सीओ सिटी श्री नितिन को गिरोह के धडपकड़ हेतु टीम गठित किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।
एसओजी प्रभारी श्री संजीत राठौड़ तथा थानाध्यक्ष मुखानी श्री विजय मेहता के नेतृत्व में टीम गठित कर कार्यवाही की गयी।
गठित टीम मुखानी पुलिस एवं एसओजी टीम ने गुरु—शुक्रवार की रात्रि में मुखानी क्षेत्रान्तर्गत स्थित तारा कंपलेक्स मालिक चौपला चौराहा निवासी वीरेंद्र मेहरा के साथ कमरा खुलवा कर देखा तो 6 व्यक्ति कमरे में मौजूद मिले उनका नाम पता पूछने एवं तलाशी लेने पर अलग-अलग बैंकों के फॉर्म, आधार कार्ड स्टांप मोहर, व उद्यम विभाग के फर्जी रजिस्ट्रेशन व अन्य सामग्री बरामद हुई।
पूछताछ पर बताया गया कि हम लोग फर्जी आधार कार्ड बनाकर उसके आधार पर बाजार की दुकानों की फोटो खींचकर उद्यम विभाग में फर्जी रजिस्ट्रेशन कराते हैं, और इन्हीं फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाकर उसका एटीएम, चैकबुक आदि अपने गैग के सदस्य चार्ली उर्फ केके को भेजते हैं। जिसमें प्रत्येक करन्ट एकाउन्ट पर एकाउन्ट खोलने वाले व्यक्ति को खाता देने पर 25हजार रूपये नगद मिलते हैं तथा बाद में लेन-देन के 10 से 15 प्रतिशत भी मिलते रहते है।
अभी तक इस गैग के मास्टर माइन्ड राघवेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ रघ्घू द्वारा हल्द्वानी बैक ऑफ बडौदा शाखा कालाढूॅगी रोड में इन्ही फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अपने गैंग के सदस्य रोहन खान का खाता खुलवाया गया है, और अन्य सदस्यों के खाते भी आज-कल में खोले जाने थे पुलिस टीम की गिरफ्त में आ गये।
मकान मालिक द्वारा उक्त लोगों को सत्यापन न कराने पर नियमानुसार 10हजार रुपये का चालान किया गया, तथा भविष्य में बिना सत्यापन किरायेदार न रखने की चेतावनी दी गयी है।
इस मामले में फर्जी आधार कार्ड व उद्यम विभाग के फर्जी सर्टिफिकेट बनाने वाले व्हाट्सएप यूजर एस्कैम व सरगना चार्ली उर्फ केके की गिरफ्तारी हेतु प्रयास किये जा रहे हैं।
इस मामले में रात को गिरफ्तार किए गए देवरिया के मीरथाना निवासी 29 वर्षीय मास्टर माइन्ड राघवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ रघु को 4 फर्जी रबर स्टैम्प, पत्रकारिता स्तम्भ चेतना प्रेस कार्ड, 5 प्री एक्टिवेटेट सिम, इससे पूर्व खोले गये फर्जी खाते का लेन-देन विवरण धनराशि- 1 लाख 43 हजार रुपये तथा उससे अलग-अलग 6 खातों में, फर्जी उद्यम विभाग रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र, बैक ओपनिंग फार्म, धोखाधडी में प्रयुक्त 4 मोबाइल सिम सहित, अलग- अलग बैकों के एटीएम व डेविड कार्ड, 2 ब्लेैक चैक खाता धारक के विवरण रहित व हजार रुपये 2 हजारकी नकदी के साथ्ज्ञ गिरफ्तार किया गया। उसके अलावा लखनऊ के आशियाना विासी 23 वर्षीय लकी से धोखाधड़ी में प्रयुक्त मोबाइल 2सिम सहित, आधार, पेन कार्ड बरामद हुए। गिरफ्तार किए गए तीसरे आरोपी लखनऊ के थाना कैंट निवासी 22 वर्षीय रोहन खान व यहीं के रहने वाले 20 वर्षीय आकाश सिंह से मूल व फर्जी आधार कार्ड, पेन कार्ड व मोबाइल 2 सिम सहित, खाते खोलने की स्लिप बरामद हुई।
पांचवें आरोपी मूल रूप से लखनऊ और वर्तमान में शाहजहांपुर निवासी 27 वर्षीय दीपक से मूल व फर्जी आधार कार्ड, पेन कार्ड व मोबाइल 2 सिम यूपी के लखऊ के आशियाना निवासी 43 रॉकी से आधार कार्ड बरामद हुआ।
एसएसपी नैनीताल ने पुलिस टीम के उत्साहवर्धन हेतु 25 रुपये के पुरूस्कार की घोषणा की है। पुलिस की टीम में थानाध्यक्ष मुखानी विजय मेहता,एसओजी प्रभारी संजीत कुमार राठौड़, मुखानी के एसआई मनोज सिंह अधिकारी, राजेन्द्र सिंह, हेड कांटेबल ललित श्रीवास्तव,एसओजी के कांस्टेबल चन्दन सिंह, अरविन्द बिष्ट, राजेश बिष्ट, सन्तोष बिष्ट, परविंदर सिंह,जय लाल व बलवंत सिंह शामिल थे।


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