देहरादून। उत्तरकाशी के धराली में बादल फटने से मची तबाही के बाद स्वास्थ्य विभाग ने राहत और उपचार के लिए कमर कस ली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर देहरादून और ऋषिकेश के प्रमुख अस्पतालों में 300 जनरल और 90 आईसीयू बेड आरक्षित किए गए हैं।
साथ ही, आपदा से प्रभावित लोगों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए तीन मनोचिकित्सकों को धराली भेजा गया है।स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 150 जनरल और 50 आईसीयू बेड, कोरोनेशन जिला चिकित्सालय में 80 जनरल और 20 आईसीयू बेड, तथा एम्स ऋषिकेश में 50 जनरल और 20 आईसीयू बेड घायलों के लिए तैयार किए गए हैं।
इन अस्पतालों में डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मी और दवाओं की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा, 108 एम्बुलेंस सेवा को 24 घंटे सक्रिय रखा गया है। आपदा से प्रभावित लोगों में मानसिक तनाव और अवसाद की आशंका को देखते हुए तीन मनोचिकित्सकों की टीम को धराली भेजा गया है।
यह टीम स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत शिविरों में काउंसलिंग और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करेगी। स्वास्थ्य सचिव ने कहा, “यह संवेदनशील समय है। मुख्यमंत्री के निर्देश हैं कि कोई भी घायल या जरूरतमंद इलाज से वंचित न रहे।
स्वास्थ्य विभाग हर स्थिति के लिए तैयार है।”उत्तरकाशी में हाल ही में धराली और हर्षिल में बादल फटने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें चार लोगों की मौत हुई और 25-35 लोग मलबे में दबे होने की आशंका है।
सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारी और आपदा प्रतिक्रिया टीमें अलर्ट पर हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।


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