पौड़ी। उत्तराखंड के पौड़ी जिले में भारी बारिश और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। बुरांसी गांव में भूस्खलन से दो महिलाओं, आशा देवी (55) और विमला देवी (58), के मलबे में दबने की सूचना मिली, जिनमें से एक का शव बरामद हो चुका है, जबकि दूसरी की तलाश जारी है।
वहीं, थलीसैंण तहसील के बांकुड़ा गांव में पांच नेपाली मजदूरों के बाढ़ में बहने की खबर है, जिनकी खोजबीन में टीमें जुटी हैं। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने तत्काल प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। रैदुल क्षेत्र में भूस्खलन से बंद सड़क को खुलवाया गया और प्रभावित परिवारों को राहत केंद्रों में शिफ्ट किया गया। पाबौ के कलगाड़ी के पास टूटे पुल की जगह बैली ब्रिज मंगवाया जा रहा है।
प्रभावितों को पेयजल, ड्राई राशन, जीवन रक्षक दवाएं, इमरजेंसी लाइट्स और पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग को जानमाल के नुकसान का त्वरित सर्वेक्षण कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। ग्राम विकास और पंचायत अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में डटे रहने को कहा गया है।
उच्च गुणवत्ता वाला पैकेटबंद भोजन और ड्राई राशन वितरण के लिए उपजिलाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पशुधन हानि के मामलों में तत्काल चिकित्सा और योजनागत सहायता के आदेश दिए गए हैं। पौड़ी में हाल की बारिश ने कई सड़कें और पुलों को क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिससे आवागमन ठप है।
लोक निर्माण, पुलिस, विद्युत और खाद्य विभागों की टीमें युद्धस्तर पर राहत और पुनर्वास कार्यों में जुटी हैं। जिला नियंत्रण कक्ष में मुख्य विकास अधिकारी और अपर जिलाधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।


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