महाकुंभ : तीनों शंकराचार्य एक साथ करेंगे मौनी अमावस्या का स्नान, बाद में अखाड़े उतरेंगे संगम पर, मरने वालों की संख्या 31! - सत्यमेव जयते

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Wednesday, January 29, 2025

महाकुंभ : तीनों शंकराचार्य एक साथ करेंगे मौनी अमावस्या का स्नान, बाद में अखाड़े उतरेंगे संगम पर, मरने वालों की संख्या 31!


प्रयागराज। अखाड़ा परिषद की बैठक में तय हो गया है कि पूर्वाहृन साढ़े ग्यारह बजे केबाद ही अखाड़ों से जुड़े साधुसंत संगम पर मौनी अमावस्या का स्नान कर सकेंगे। अभी इसकी कोई कार्ययोजना सामने नहीं आई है। इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि पहले जनता स्नान करेगी उसके बाद अखाड़े स्नान करेंगे। उन्होंने बताया कि इसी पर सहमति बनी है। इस बीच खबर आ रही है कि सुबह साढ़े सात बजे तक कॉल्विन अस्पताल स्थित मर्चरी में 31 लाशें पहुंचाई जा चुकी थीं, लेकिन प्रशासन की ओर से मृतकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।  

विइित रहे कि महाकुंभ मेले में भगदड़ मच गई। भगदड़ में कई श्रद्धालु हताहत हो गए हैं। इसके बाद अखाड़ों ने अपनी शाही स्नान रद्द कर दिया था। अब अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष का नया बयान आया है। सुबह 11 बजे तीनों शंकराचार्य एक साथ अमृत स्नान करेंगे। इस बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि  प्रशासन के नियमों का पालन करें। संगम नोज पर जाने से बचें। संगम में स्नान का दबाव ज्यादा है। संगम नोज पर स्नान जरूरी नहीं। पीएम मोदी से सुबह से चार बार बात हुई है। प्रयागराज में हालत नियंत्रण में हैं। 


तीनों शंकराचार्य द्वारका पीठ के स्वामी सदानंद सरस्वती, ज्योतिषपीठ के स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और श्रृंगेरी मठ के विधु शेखर भारती एक साथ सेक्टर 22 से संगम के लिए सुबह 11 बजे रवाना होंगे। अखाड़ों का अमृत स्नान कब होगा इस पर अखाड़ों के साथ वार्ता चल रही है। अभी समय निर्धारित नहीं हुआ है।

महाकुंभ में सब सामान्य होने के बाद अखाड़ा परिषद ने अपना बयान पलट दिया है।  रवींद्र पुरी ने कहा कि 10 बजे के बाद अखाड़े अमृत स्नान कर सकते हैं। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी का नया बयान सामने आया है। उन्होंने कहा- 10 बजे के बाद अखाड़े अमृत स्नान कर सकते हैं। हम लोग जुलूस छोटा रखेंगे। किसी प्रकार का कोई लाव लश्कर नहीं होगा। शोभा यात्रा भी नहीं निकाली जाएगी।

योग गुरु बाबा रामदेव कने कहा है कि "यह सनातन का अमृत काल है... मौनी अमावस्या के अमृत स्नान के दौरान यहां आने वाले सभी लोगों को मौन रहना चाहिए और ध्यान, प्रार्थना और भजन में लीन होना चाहिए। उन्हें अपने दिल में कृतज्ञता रखनी चाहिए... जब इस तरह की भीड़ होती है, तो यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपनी और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। अगर हर कोई सावधान रहेगा, तो सब कुछ सुचारू रूप से चलता रहेगा। यहां आने वाले सभी भक्तों को धैर्य रखने की जरूरत है। धर्म की पहली विशेषता धैर्य है... भले ही हर कोई संगम जाना चाहता हो, लेकिन यह व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है, इसलिए आप जहां भी हों, अपने नजदीकी घाट पर जा सकते हैं क्योंकि संगम से पानी का प्रवाह प्रयागराज के हर घाट तक जरूर पहुंचेगा..."


अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने कहा कि एक बार भीड़ कम हो जाए तो हम पवित्र स्नान के लिए आगे बढ़ेंगे..." रवींद्र पुरी कहते हैं, "आज अमृत स्नान है। तीन अमृत स्नान हैं- मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी। अमावस्या तिथि आज रात तक रहेगी। पहले हमने तय किया था कि भारी भीड़ के कारण हम (अखाड़ा) जुलूस नहीं निकालेंगे। मैं सभी से अपील करता हूं कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।"

रेलवे ने आज प्रयागराज क्षेत्र के विभिन्न स्टेशनों से 360 से अधिक ट्रेनें चलाने की योजना बनाई है। रेल मंत्रालय ने बताया कि फिलहाल किसी भी विशेष ट्रेन को रद्द करने की कोई योजना नहीं है।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मृतकों व घायलों के प्रति गहरी संवेदनाएं जताई है। 

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