रुड़की। उत्तराखंड के रुड़की में रास्ते पर गाड़ी खड़ी करने को लेकर हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया। गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के चावमंडी निवासी रमेश चंद्र ने एक लेखपाल और उसके दो बेटों पर उनके बेटों के साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने सोमवार देर रात तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। इस घटना ने क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
रमेश चंद्र ने गंगनहर कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि घटना 3 मई की शाम की है। उनके दोनों बेटे दिल्ली से अपनी-अपनी गाड़ियों से घर लौटे थे। उस समय पड़ोस में सड़क पर एक गाड़ी खड़ी थी, जिसके कारण रास्ता अवरुद्ध हो गया। रमेश चंद्र के अनुसार, उनके बेटों ने लगभग 10 मिनट तक गाड़ी के हॉर्न बजाए, लेकिन किसी ने गाड़ी नहीं हटाई। इसके बाद उनके बड़े बेटे ने पड़ोस में जाकर घंटी बजाई और गाड़ी हटाने का अनुरोध किया। आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले लेखपाल और उनके दोनों बेटों ने इसके जवाब में गाली-गलौज शुरू कर दी। हालांकि, बाद में गाड़ी को हटा लिया गया।
रमेश चंद्र ने बताया कि मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। गुस्से में आए लेखपाल और उनके बेटों ने कुछ देर बाद उनके घर पर आकर उनके बेटों पर हमला कर दिया। इस हमले में उनके बेटों को चोटें आईं। घटना की गंभीरता को देखते हुए रमेश चंद्र ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। उन्होंने पुलिस को घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज और लिखित तहरीर सौंपकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने घायल हुए युवकों का मेडिकल परीक्षण करवाया, जिसमें उनकी चोटों की पुष्टि हुई।
गंगनहर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर लेखपाल और उनके दो बेटों के खिलाफ मारपीट और गाली-गलौज का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया जा रहा है। निरीक्षक ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कानून का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।


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