किन्नौर। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में बुधवार, 6 अगस्त 2025 को तंगलिंग और रिब्बा गांव के पास रालडांग खड्ड में बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचाई। इससे कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर बाढ़ जैसे हालात बन गए, और सैकड़ों तीर्थयात्री फंस गए। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 17वीं बटालियन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जिपलाइन की मदद से 413 यात्रियों को सुरक्षित निकाला।
बचाव कार्य अभी भी जारी है। तंगलिंग में बादल फटने से तांगलिपी और कांगरंग नालों के पुल बह गए, और पहाड़ों से मलबा और चट्टानें सड़कों पर जमा हो गईं। रालडांग खड्ड में बादल फटने से नेशनल हाईवे-5 पर बड़े पत्थर और कीचड़ जमा हो गया, जिसके चलते हाईवे पूरी तरह बंद हो गया।
सोशल मीडिया पर घटना के भयावह वीडियो वायरल हो रहे हैं, जो आपदा की गंभीरता को दर्शाते हैं। जिला प्रशासन और आईटीबीपी की टीमें युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं। अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन सड़कों और पुलों को हुए नुकसान ने आवागमन को ठप कर दिया है।
हिमाचल में हाल की भारी बारिश, जैसे मंडी में बादल फटने और शिमला के रोहड़ू में सड़क हादसे, ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। यह घटना उत्तराखंड के धराली में मंगलवार को बादल फटने की घटना के ठीक एक दिन बाद हुई, जिसने क्षेत्र में मानसून की भयावहता को और उजागर किया।
प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों में किन्नौर सहित हिमाचल के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी है।


No comments:
Post a Comment