देहरादून। उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 के नतीजों ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को तगड़ा झटका दिया है। कई प्रमुख सीटों पर भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को करारी हार का सामना करना पड़ा है, जबकि कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों और निर्दलीय प्रत्याशियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। अल्मोड़ा, हल्द्वानी, और बद्रीनाथ जैसे क्षेत्रों में भाजपा के दिग्गज नेताओं के करीबी और समर्थित प्रत्याशी हार गए, जिससे पार्टी की चुनावी रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं।
कांग्रेस का रिएक्शन: जनता ने दिखाया भाजपा को आईना
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने देहरादून में आयोजित प्रेसवार्ता में चुनाव परिणामों को कांग्रेस के लिए संजीवनी बताते हुए जनता का आभार जताया। उन्होंने कहा, "उत्तराखंड की जनता ने कांग्रेस के पक्ष में भारी मतदान कर स्पष्ट बहुमत दिया है। यह जनता का भाजपा की कुनीतियों और निर्वाचन आयोग की खामियों के खिलाफ जवाब है।" माहरा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने धनबल और छल-बल का सहारा लिया, फिर भी उनके वरिष्ठ नेता अपने ही बूथों पर हार गए। उन्होंने हाईकोर्ट द्वारा सरकार और निर्वाचन आयोग की किरकिरी का जिक्र करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र की जीत है।
माहरा ने भाजपा पर ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष के पदों पर कथित तौर पर जोड़-तोड़ की कोशिशों का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भाजपा इस तरह के हथकंडों से लोकतंत्र की हत्या करने की कोशिश करती है, तो जनता 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सत्ता सौंपकर इसका जवाब देगी। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का भी आभार जताया और कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जोश और जनता का समर्थन 2027 में निश्चित रूप से कांग्रेस की सरकार लाएगा।
प्रमुख हार: भाजपा के दिग्गजों का पतन
पंचायत चुनाव में कई चौंकाने वाले परिणाम सामने आए। हल्द्वानी में निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष बेला टोलिया को निर्दलीय प्रत्याशी छवि कांडपाल बोरा ने हराया। अल्मोड़ा के भैसियाछाना ब्लॉक में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के मंडल अध्यक्ष संतोष कुमार राम और उनकी पत्नी पूजा देवी को क्षेत्र पंचायत चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। बद्रीनाथ, जो भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का गढ़ माना जाता है, वहां भी पार्टी को करारी शिकस्त मिली।
कांग्रेस की जीत और निर्दलियों का दबदबा
चुनाव में कांग्रेस ने कई सीटों पर शानदार प्रदर्शन किया। पिथौरागढ़ की मदकोट जिला पंचायत सीट पर कांग्रेस की भावना देवी ने भाजपा की हंसा देवी को हराया। देहरादून की रायगी सीट और खटीमा विकास खंड में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। इसके अलावा, निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी कई सीटों पर बाजी मारी, जिससे सियासी समीकरण बदल गए हैं।
आगे की राह
पंचायत चुनाव के परिणामों ने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए मंच तैयार कर दिया है। कांग्रेस का मानना है कि यह जीत उनकी वापसी का संकेत है, जबकि भाजपा की हार ने पार्टी की रणनीति पर सवाल खड़े किए हैं। मतगणना अभी कुछ सीटों पर जारी है, और पूर्ण परिणाम जल्द ही सामने आने की उम्मीद है।
और ये भी
उत्तराखंड पंचायत चुनाव 2025 ने साफ कर दिया है कि जनता ने भाजपा की नीतियों के खिलाफ और कांग्रेस के पक्ष में अपना जनादेश दिया है। कांग्रेस की यह जीत और निर्दलीयों का उभार आने वाले समय में सूबे की सियासत को नई दिशा दे सकता है।


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